Jalandhar में 8 लाख महिलाओं को मिलेंगे 1 हजार-1500 रुपए : कैबिनेट मंत्री Mohinder Bhagat ने की जनसभा, मावां-धियां योजना से महिलाओं को रिझाया
Punjab News Live -PNL
March 31, 2026
जालंधर, ताजा खबर, पंजाब
जालंधर , (PNL) : पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने शहर के वार्ड नंबर 57 स्थित ग्रोवर कॉलोनी में शानदार 4 साल भगवंत मान दे नाल मुहिम के तहत जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने CM भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार की 4 साल की उपलब्धियां गिनाईं।
लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के ये 4 साल प्रदेश के विकास और खुशहाली के गवाह रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मान सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, रोजगार और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाकर राज्य के विकास को नई रफ्तार दी है।
सीएम मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को 1000 रुपए मिलेंगे। जिले 8 लाख के करीब महिला और 53 थर्ड जेंडर वोटर है। इसको लेकर सेवा केंद्रों में रोजाना 100 से ज्यादा जाति प्रमाण पत्र सर्टिफिकेट अप्लाई हो रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने सरका के इन कामों को गिनाया
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं: मोहिंदर भगत ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव से पहले किए गए हर वादे को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों के जरिए से लोगों को घर के पास इलाज मिल रहा है। साथ ही, हर परिवार को 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
शिक्षा और रोजगार: सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर ‘शिक्षा क्रांति’ लाई गई है। पिछले चार सालों में 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
बिजली और पानी: राज्य के 90 प्रतिशत परिवारों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है।
सैनिक कल्याण: देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपएकर दी गई है।
युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम के तहत नशे पर वार किया कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर ध्यान दे रही है। महिलाओं के लिए मांवां-धीया सत्कार योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बजट में एस.सी. वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए और जनरल वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह देने का प्रबंध किया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।