सांसद धर्मवीर गांधी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है
Punjab News Live -PNL
August 26, 2026
ताजा खबर, पंजाब, पटियाला
पटियाला , (PNL) : सनातन सेवा समिति (मालवा जोन) ने पटियाला से कांग्रेस के लोकसभा सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। संगठन के महासचिव वरुण मेहता ने पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि सांसद के बयानों से करोड़ों सनातन धर्म प्रेमियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समिति ने पुलिस से धार्मिक भावनाओं को भड़काने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दरअसल, कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया था। इसमें उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक तीर्थयात्राओं पर सरकारी धन खर्च करने पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने पर किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी धन से धार्मिक कार्यक्रमों और विभिन्न धार्मिक तीर्थयात्राओं के आयोजन पर आपत्ति जताई थी।
अपने पोस्ट में उन्होंने धर्म को व्यक्तिगत आस्था का विषय बताया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसी भी धर्म को किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन या संरक्षण देना संविधान का उल्लंघन है और इससे समुदायों के बीच विभाजन और सांप्रदायिकता को भी बढ़ावा मिल सकता है।
करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं: AAP
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और पंजाब सरकार के सांस्कृतिक मामलों और पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने भी डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि धर्मवीर गांधी की टिप्पणियों से पंजाबियों और राज्य भर में रहने वाले विभिन्न धर्मों के लोगों की भावनाओं को गंभीर रूप से ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पांच नदियों की भूमि है और अपनी समृद्ध विविधता के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं और एक-दूसरे की मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हैं।
बाली ने कहा कि पंजाब की संस्कृति आपसी भाईचारे और धार्मिक सद्भाव पर आधारित है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने का किसी को अधिकार नहीं है।