जालंधर नॉर्थ में बदलने लगे सियासी समीकरण, कांग्रेस-भाजपा के कई नेता AAP के साथ, CM के OSD ने करवाया शामिल, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
September 11, 2026
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जालंधर, (PNL): जालंधर नॉर्थ हलके में आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली, जब भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कई प्रमुख लोगों ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। इन नेताओं और सामाजिक शख्सियतों ने पार्टी की लोकहितैषी नीतियों तथा हलका इंचार्ज जालंधर नॉर्थ एवं मेयर वनीत धीर की कार्यशैली से प्रभावित होकर AAP में शामिल होने का ऐलान किया।
यह अहम जॉइनिंग ओएसडी मुख्यमंत्री पंजाब राजबीर सिंह घुम्मण की अगुवाई और जालंधर नॉर्थ के हलका इंचार्ज एवं मेयर वनीत धीर के दिशा-निर्देशों के तहत हुई।
AAP में शामिल होने वालों में सुशील तिवारी प्रमुख नाम हैं। वह पिछले करीब 13 वर्षों से RSS से जुड़े रहे हैं और समाज सेवा के क्षेत्र में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह युवा राष्ट्रीय निर्माण वाहिनी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसके अलावा शुभम शर्मा, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता के तौर पर सक्रिय रहे हैं और जालंधर नॉर्थ के वार्ड नंबर 24 से चुनाव भी लड़ चुके हैं, ने भी आज आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।
वरुण शर्मा लंबे समय से भाजपा के मजबूत समर्थक के तौर पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर नॉर्थ में वनीत धीर की ओर से किए जा रहे कार्यों और लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर की जा रही गतिविधियों से प्रभावित होकर उन्होंने AAP में शामिल होने का फैसला लिया।
वहीं रिहान खान, जो कांग्रेस के मजबूत परिवार से संबंधित हैं और लंबे समय से कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, ने भी कांग्रेस को अलविदा कहकर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली। वह यूथ कांग्रेस और NSUI में जिला स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
इसके साथ ही नरेश कुमार, सुखजिंदर सिंह, आशीष शर्मा और मुकेश कुमार ने भी आम आदमी पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया।
आशीष शर्मा लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और जालंधर यूथ क्लब के चेयरमैन के तौर पर सेवाएं निभा रहे हैं। वहीं मुकेश कुमार भी लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे और पार्टी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
इन प्रमुख शख्सियतों के AAP में शामिल होने से जालंधर नॉर्थ में पार्टी का राजनीतिक आधार और मजबूत होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, एक साथ कांग्रेस और भाजपा से जुड़े नेताओं के AAP में आने को दोनों विपक्षी दलों के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।