बड़ी खबर : अमेरिका के बाद अब कनाडा भी हुआ सख्त, लाया नया इमीग्रेशन कानून, 9 हजार भारतीयों को नोटिस, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
April 19, 2026
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नई दिल्ली, (PNL) : अमेरिका के बाद अब कनाडा भी सख्त हो गया है। कनाडा में लागू हुए नए इमिग्रेशन कानून सी-12 बिल के बाद हजारों भारतीयों, खासकर पंजाब के युवाओं पर संकट गहरा गया है। इमिग्रेशन विभाग ने करीब 30 हजार लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें लगभग 9 हजार पंजाबी शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी को शरणार्थी (रिफ्यूजी) के तौर पर अपनी योग्यता साबित करने के लिए कहा गया है, अन्यथा डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
ये नोटिस पहली खेप के हैं और आने वाले दिनों में ये आंकड़ा बढ़ेगा। नए नियम के तहत अब किसी भी व्यक्ति को कनाडा पहुंचने के एक साल के भीतर शरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह सीमा तय नहीं थी और लोग वर्षों बाद भी आवेदन कर सकते थे। अब यदि कोई तय समय में आवेदन नहीं करता, तो उसकी अर्जी बिना सुनवाई के खारिज की जा सकती है। इमिग्रेशन एक्सपर्ट के अनुसार अब कनाडा में रिफ्यूजी रूट लगभग खत्म हो चुका है, जिससे भविष्य में कनाडा जाना मुश्किल होगा।
स्टूडेंट्स पर असर, वे ही अधिक विरोध में
नए कानून के विरोध में 17 अप्रैल को कनाडा के विनिपेग शहर में बड़ी संख्या में पंजाबी और अन्य इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि वर्क परमिट खत्म न किया जाए और पुराने नियमों के तहत राहत दी जाए। साथ ही, डिपोर्टेशन प्रोसेस पर रोक लगे ताकि वे आवेदन कर सकें।
अभी कई विकल्प भी हैं…विशेषज्ञों के अनुसार, नोटिस मिलने का मतलब तुरंत डिपोर्टेशन नहीं है। यह केवल स्पष्टीकरण देने का अवसर है। ठोस कारण (जैसे बीमारी, जान का खतरा) होने पर राहत मिल सकती है। वकील की मदद लेना जरूरी बताया जा रहा है।
21 दिन में जवाब नहीं दिया तो वर्क परमिट रद्द
इमिग्रेशन विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति 21 दिन के भीतर (करीब 3 मई तक) अपना जवाब दें। यदि जवाब नहीं दिया गया, तो वर्क परमिट रद्द किया जा सकता है और इसके बाद डिपोर्टेशन प्रोसेस शुरू हो जाएगा। हलांकि, नियमों के अनुसार वर्क परमिट समाप्त होने के बाद भी लगभग 90 दिन का समय मिल सकता है।