लुधियाना , (PNL) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले लुधियाना में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने शिवसेना के कई नेताओं को आज एहतियातन उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। नेताओं के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय प्रधान संजीव घनौली ने ऐलान किया था कि लुधियाना में शिवसेना नेताओं पर दर्ज कथित झूठे मामलों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले का घेराव किया जाएगा। संगठन ने इसे विरोध प्रदर्शन के रूप में आयोजित करने की घोषणा की थी। वहीं प्रधानमंत्री के जालंधर दौरे से पहले पंजाब यूथ कांग्रेस और पुलिस आमने-सामने आ गए। पंजाब यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा को लाडोवाल टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया, जबकि जालंधर शहरी जिला अध्यक्ष अंगद दत्ता और प्रदेश महासचिव दीपक खोसला को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया।
रोपड़ में शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय प्रधान संजीव घनोली के घर के बाहर तैनात पुलिस बल।
शुक्रवार सुबह से ही पुलिस ने संगठन के प्रमुख नेताओं के घरों के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए। पुलिस ने नेताओं की आवाजाही पर भी रोक लगा दी। जिन नेताओं को एहतियातन घरों में नजरबंद किया गया है, उनमें राजीव टंडन, भानू प्रताप, पवन मान और संदीप थापर शामिल हैं।
उनके घरों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। संजीव घनौली ने कहा कि यदि हिंदू नेताओं पर दर्ज मामले रद्द नहीं किए गए तो सोमवार को लुधियाना में बड़ा धरना दिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय तक जाने की रणनीति बनाई जा रही है।
भानू प्रताप ने कहा कि हिंदू नेताओं पर झूठे मामले दर्ज करना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। आतंकवाद के दौर में पंजाब में 35 हजार हिंदू मारे गए थे। आज जब वह इस मुद्दे को उठा रहे हैं तो कट्टरवादियों को खुश करने के लिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं। वहीं, शिवसेना नेताओं का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
शुभम शर्मा शुबी ने कहा कि वह अपने साथियों के साथ प्रधानमंत्री के जालंधर दौरे के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन कथित NEET पेपर लीक और भर्ती घोटालों के विरोध में आयोजित किया जाना था।
पंजाब यूथ कांग्रेस के अनुसार, जैसे ही शुभम शर्मा शुबी अपने साथियों के साथ जालंधर की ओर जा रहे थे, लाडोवाल टोल प्लाजा पर पंजाब पुलिस ने उनके वाहन को रोक लिया। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें हिरासत में ले लिया।
यूथ कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और गोली मारने तक की धमकी दी। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है।
पंजाब यूथ कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए जालंधर शहरी जिला अध्यक्ष अंगद दत्ता और प्रदेश महासचिव दीपक खोसला को शुक्रवार सुबह उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया। संगठन के अनुसार, उनके घरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
शुभम शर्मा शुबी ने केंद्र और पंजाब सरकार पर युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित NEET पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में यूथ कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।