प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के 4 महीने बाद ही लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग की छत टूट गई। उसके पैनल भी निकल गए। इस बिल्डिंग पर 22.50 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। बिल्डिंग पंजाब सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बनाई थी। विभाग इसके लिए आंधी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। इस मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी ने ठीक से निर्माण कार्य नहीं करवाया, जिसकी वजह से छत गिर गई। केंद्रीय मंत्री के आरोपों के बाद डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। DC हिमांशु जैन ने कहा कि सरकारी पैसे और यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नुकसान के सटीक स्तर और इसके पीछे की तकनीकी खामियों का आकलन करने के लिए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC जगराओं) को जांच सौंप दी है। इसके साथ ही डीसी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत रिपेयरिंग का काम शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
डीसी हिमांशु जैन।
सिविल वर्क से लेकर रनवे तक बड़ा बजट:-
PWD ने करवाया था टर्मिनल बिल्डिंग का काम: इस इंटरनेशनल सिविल टर्मिनल को बनाने की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार ने अपने सबसे भरोसेमंद लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी थी। PWD की ही देखरेख और सुपरविजन में एक निजी कंपनी (मैसर्स सिनर्जी थ्रिसलिंगटन) ने इस प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर बिल्डिंग को तैयार किया था।
54 करोड़ की लागत से तैयार हुई है टर्मिनल बिल्डिंग: हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 54 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। इसमें से अकेले सिविल टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण पर 22.50 करोड़ रुपए खर्च किए गए। बाकी की बची हुई राशि रनवे एरिया के विस्तारीकरण, टैक्सीवे, एप्रन, इंटरनल रोड्स, बाउंड्री वॉल, भव्य लाइटिंग और अत्याधुनिक पार्किंग एरिया को विकसित करने में खर्च हुई है।
15 मई को शुरू हुई थी उड़ान: निर्माण कार्य पूरा होने के बाद PWD ने इस बिल्डिंग को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हैंडओवर किया था। इसके तुरंत बाद, 15 मई को एयर इंडिया ने दिल्ली और हलवारा के बीच अपनी पहली उद्घाटन उड़ान शुरू की थी। वर्तमान में यहां रोजाना 4 उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
पहली ही आंधी में छत के पैनल कैसे उड़े अब सवाल यह उठ रहा है कि जब PWD जैसी बड़ी सरकारी एजेंसी की निगरानी में काम हो रहा था, तो पहली ही आंधी में छत के पैनल कैसे उड़ गए? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई थी? विपक्ष अब सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान और PWD विभाग को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग हलवारा।
छत टूटने के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने उठाए थे सवाल केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर क्षतिग्रस्त एयरपोर्ट की तस्वीरें साझा करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिट्टू ने लिखा था कि यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि करोड़ों की लागत से बना हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहली ही बारिश के स्पेल को भी बर्दाश्त नहीं कर सका। जिस तरह से पूरा स्ट्रक्चर फेल हुआ है, उसने वहां मौजूद कर्मचारियों और यात्रियों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल दिया था।
केवल वाहवाही लूटने के लिए जल्दबाजी में आधे-अधूरे और घटिया निर्माण के साथ इसका उद्घाटन करवाया गया। इस लापरवाही के लिए PWD के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ तुरंत सख्त आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।