चीन-अमेरिका नहीं, बाढ़ से बेदम नेपाल की भारत ने की सबसे ज्यादा मदद
Punjab News Live -PNL
August 31, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) : नेपाल में भोटेकोशी आपदा के बाद रेस्क्यू और राहत अभियान जारी है. इस मुश्किल वक्त में भारत नेपाल की मदद करने वाले देशों में सबसे आगे है. भारत की ओर से अब तक 5 उड़ानों के जरिए 68.5 टन से ज्यादा रेस्क्यू और राहत सामान नेपाल पहुंचाया जा चुका है. इसके अलावा भारत की ओर से एक बेली ब्रिज भी भेजा जा रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों में आवाजाही और राहत काम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत से पहुंची राहत सामग्री में मेडिकल सामान, खाना, डिग्निटी किट, टेंट और सोलर लैंप जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं. आपदा के बाद कई इलाकों में जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं. ऐसे में इन सामानों का इस्तेमाल रेस्क्यू और राहत अभियान में किया जा रहा है.
चीन ने भेजी 50 टन से ज्यादा राहत सामग्री
नेपाल को भारत के अलावा चीन से भी बड़ी मदद मिली है. चीन की ओर से अब तक 50 टन से ज्यादा राहत और रेस्क्यू सामान नेपाल पहुंच चुका है. इसमें कंबल और बॉडी बैग समेत कई जरूरी सामान शामिल हैं. वहीं, श्रीलंका ने नेपाल को 10 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया है.
इसके अलावा UAE से बैग और सोलर लाइट जैसी चीजें मिली हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी राहत सामग्री भेजने की तैयारी चल रही है. म्यांमार, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रिटेन और कतर से भी राहत सामान आने की प्रोसेस जारी है. यूरोपीय संघ, अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों ने भी मदद का भरोसा दिया है. सिर्फ राहत सामान ही नहीं, बल्कि विदेशी एक्सपर्ट टीमें भी नेपाल के रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रही हैं. भारत से 11 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम, चीन से 9 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम और दक्षिण कोरिया से भी एक टीम नेपाल पहुंच चुकी है. ये टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रही हैं.
261 विदेशी नागरिक बचाए गए
आपदा के बाद अब तक 261 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. मामूली रूप से घायल लोगों को फर्स्ट एड के बाद वापस भेज दिया गया है, जबकि कुछ लोग सदमे में हैं और उनका इलाज चल रहा है. नेपाल के सामने अभी भी बड़ी चुनौती शवों की पहचान और उन्हें सुरक्षित रखने की है. सरकार को 1,000 से ज्यादा फ्रीजर और DNA टेस्टिंग किट की जरूरत है. नेपाल ने ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ समेत कई देशों से इनकी मदद मांगी है. ऐसे में भारत की ओर से पहुंचाई गई बड़ी मात्रा में राहत सामग्री और एक्सपर्ट मदद नेपाल के जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अहम है.