चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब में पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निकाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि इससे कुछ दिन पहले ही नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया था।
भूपेश बघेल आज अमृतसर में डॉक्टर राजकुमार वेरका के निवास स्थान पर पहुंचे थे, जहां पत्रकारों ने भूपेश बघेल से नवजोत कौर सिद्धू को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि नवजोत कौर सिद्धू पहले पार्टी से निलंबित थी, जबकि अब उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
इसके बाद नवजोत कौर सिद्धू ने ट्वीट कर बिना नाम लिए खुलकर राहुल गांधी पर निशाने साधे। उन्होंने मिलने का टाइम न देने के साथ उनके नीचे टिकट बिक्री तक के आरोप लगाए।
पार्टी से निकाले जाने पर नवजोत कौर सिद्धू की अहम बातें…
पप्पू ने अपने नाम पर मुहर लगाई: नवजोत कौर सिद्धू ने लिखा- पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर खुद ही मुहर लगा दी है। एक ऐसा नेता, जो यह मानता है कि वही अकेला ईमानदार और ज्ञानी इंसान है, जबकि वह जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान है। उसके भीतरी दायरे में काम करने वाले लोग उसे हाशिये पर बनाए रखने में सफल रहते हैं और खुद टिकट बेचकर ऐशोआराम की जिंदगी जीते हैं, वह भी उसके कोई फैसला लेने से बहुत पहले।
इमरजेंसी प्रतिक्रिया देने में 6 महीने लग जाते हैं: नवजोत कौर सिद्धू ने लिखा- किसी इमरजेंसी पर प्रतिक्रिया देने में उसे छह महीने से ज्यादा समय लग जाता है और तब तक नुकसान होना तय हो जाता है। लोगों से अपने साथ जुड़ने को कहने से पहले उसे अपने तथाकथित समर्थकों से यह पूछ लेना चाहिए कि क्या वे ईमानदार रहने के लिए तैयार हैं? क्या वे पंजाब के लिए ईमानदारी से काम करना चाहते हैं?
आपके अनुयायी जेबें भरने में लगे हैं: नवजोत कौर ने लिखा- आपके ज्यादातर अनुयायी निस्वार्थ सेवा के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे दोबारा सत्ता में नहीं आने वाले। अगर हिम्मत है तो उनसे कहिए कि वे मौजूदा सरकार के खिलाफ बोलें और इसके लिए तैयार रहें कि उनकी फाइलें खुल जाएँ। सच बोलना और सच का सामना करना सीखिए।