लुधियाना में 13 पुलिस अधिकारियों को नोटिस: 3 एसीपी और कई इंस्पेक्टर शामिल, कारोबारी से ठगी के मामले में दिखाई गई लापरवाही
Punjab News Live -PNL
February 25, 2026
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लुधियाना , (PNL) : लुधियाना में उधम सिंह नगर के 82 वर्षीय कारोबारी वरिंदर सूद के साथ 2021 में हुई 15 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में आखिरकार बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। पुलिस कमिश्नर लुधियाना स्वपन शर्मा ने मामले में लापरवाही बरतने वाले 13 पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें तीन एसीपी रैंक के अधिकारी और कई इंस्पेक्टर शामिल हैं। बता दें कि कारोबारी वरिंदर सूद बीते पांच साल से इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे थे और उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। अब पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया है कि जांच में देरी और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ित वरिंदर सूद, जो दवा कारोबार से जुड़े हैं। उसने मीडिया को बताया कि 14 अप्रैल 2021 को उनके बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी के 15 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
मनी ट्रेल के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान हुई थी-
राजीव कुमार शर्मा (मधुबन, बिहार)
चंदन कुमार पासवान (पूर्णिया, बिहार)
नीलकमल (पालमपुर, हिमाचल प्रदेश)
आरोप है कि आरोपियों की पहचान होने के बावजूद जांच कर रहे 13 अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए।
बेटे ने पकड़ा आरोपी, पुलिस ने भागने दिया: शिकायतकर्ता
पीड़ित के बेटे ऋषि सूद ने खुद के प्रयास कर आरोपी नीलकमल का पता लगाया। 1 जुलाई 2021 को पालमपुर जिले के पंचरुखी में रेड की गई। शिकायत के अनुसार, रेड के दौरान आरोपी को पकड़ा भी गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने किसी बहाने उसे फरार होने का मौका दे दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद आज तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
इन अधिकारियों को जारी हुए नोटिस
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एसीपी सुमित सूद (वर्तमान में एसीपी ईस्ट)
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डीएसपी मनिंदर बेदी (तत्कालीन एसीपी नॉर्थ)
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डीएसपी बिट्टन कुमार (तत्कालीन एसएचओ, हैबोवाल)
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इंस्पेक्टर परमदीप सिंह
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इंस्पेक्टर सतपाल
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इंस्पेक्टर आकाश दत्त
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इंस्पेक्टर गगनप्रीत सिंह
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इंस्पेक्टर हरजीत सिंह (तत्कालीन एसआई)
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इंस्पेक्टर परमवीर सिंह
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इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह
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इंस्पेक्टर मधु बाला
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इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह
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इंस्पेक्टर सतवीर सिंह
इनमें से कुछ अधिकारी फिलहाल कमिश्नरेट में एसएचओ के पद पर तैनात हैं। 13 फरवरी 2026 को पुलिस कमिश्नर की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया कि यह लापरवाही का मामला है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(2) के तहत जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर दाखिल कर दी जाएगी। 82 वर्षीय पीड़ित वरिंदर सूद का कहना है कि उन्होंने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। अब पुलिस कमिश्नर के सख्त रुख के बाद उन्हें उम्मीद है कि दोषियों की गिरफ्तारी होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।