लुधियाना के बाद बाबा बकाला में चन्नी गुट की रैली, कांग्रेस हाईकमान को खुली चुनौती! राजा वड़िंग और बाजवा समेत कई बड़े नेता रहे गैरहाजिर, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
August 28, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब, होम
न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में पार्टी के एक गुट ने लुधियाना के बाद अब बाबा बकाला में बड़ी रैली की। इस रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए।
चन्नी गुट की ओर से आयोजित इस रैली को पंजाब कांग्रेस की मौजूदा सियासी तस्वीर के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। रैली में चन्नी को प्रमुखता दी गई, जबकि प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और अन्य वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया।
मंच पर चन्नी की बड़ी तस्वीर, वड़िंग को मिली कम जगह
बाबा बकाला रैली के मंच पर लगाए गए बैकड्रॉप में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चरणजीत सिंह चन्नी की बड़ी तस्वीर लगाई गई थी। वहीं राजा वड़िंग की तस्वीर अन्य नेताओं के साथ अपेक्षाकृत छोटी दिखाई दी।
रैली में राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेताओं को निमंत्रण दिए जाने की बात सामने आई, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इससे कांग्रेस के भीतर गुटबाजी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
चन्नी समर्थकों का बड़ा दावा- दिल्ली के फैसले का इंतजार नहीं
बाबा बकाला की रैली में चन्नी समर्थकों ने पार्टी हाईकमान को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। मंच से यह तक कहा गया कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब में कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा बनाने के लिए दिल्ली के फैसले का इंतजार नहीं किया जाएगा।
इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और गरमाने के आसार हैं। लगातार अलग-अलग रैलियों के जरिए चन्नी गुट अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में जुटा है।
अमृतपाल सिंह के पिता की पोस्ट भी की शेयर
इस बीच चरणजीत सिंह चन्नी की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। चन्नी ने वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह की एक रील शेयर की थी। इस वीडियो में तरसेम सिंह चन्नी की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रमों को लेकर भी उठे सवाल
कांग्रेस के भीतर यह भी चर्चा है कि चन्नी पार्टी हाईकमान की अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं चल रहे। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी की टीम की ओर से कांग्रेस के बड़े नेताओं को उनके कार्यक्रमों के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, चन्नी की ओर से ऐसे वीडियो शेयर नहीं किए जाने को भी पार्टी के भीतर नाराजगी की एक वजह माना जा रहा है।
रंधावा समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे
बाबा बकाला की रैली में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए। इनमें सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, हरदेव सिंह लाडी, हरमिंदर सिंह गिल, भगवंत सिंह सच्चर, करण वड़िंग और मदनलाल जलालपुर समेत कई नेता मौजूद रहे।
रैली को संबोधित करते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कांग्रेस की एकजुटता को लेकर समर्थकों से सवाल किया और कहा कि अगर कांग्रेस को एकजुट होना है तो सभी को साथ आना होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे आए ही नहीं। रंधावा का इशारा उन कांग्रेस नेताओं की ओर था, जिन्हें रैली में बुलाया गया था लेकिन वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
बाबा बकाला की इस रैली के बाद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस हाईकमान चन्नी गुट की इन गतिविधियों को लेकर क्या कदम उठाता है।