बेअदबी कानून पर मान सरकार और अकाल तख्त साहिब के बीच फिर मंथन, इतने दिन बाद चंडीगढ़ में बैठक
Punjab News Live -PNL
October 2, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर सरकार और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच बातचीत का अगला दौर तय हो गया है। पंजाब सरकार की ओर से गठित 7 सदस्यीय कोऑर्डिनेशन कमेटी की 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ में बैठक होगी।
इस बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से एक्ट को लेकर दिए गए सुझावों और आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कमेटी एक्ट के अलग-अलग प्रावधानों की समीक्षा करने के साथ-साथ अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित पैनल के साथ आगे समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श करेगी।
सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित पक्षों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करना है, ताकि कानून की मूल भावना और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता से जुड़े विषय की गंभीरता को बरकरार रखा जा सके।
16 सितंबर को बनी थी 7 सदस्यीय कमेटी
पंजाब सरकार ने 16 सितंबर को 7 सदस्यीय कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया था। कमेटी में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, रिटायर्ड जस्टिस जसपाल सिंह, रिटायर्ड जस्टिस गुरबीर सिंह, रिटायर्ड IPS अधिकारी एवं पूर्व PPSC चेयरमैन जतिंदर सिंह औलख और लॉ ऑफिसर प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।
आजीवन जेल और 25 लाख तक जुर्माने का प्रावधान
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से पंजाब विधानसभा ने अप्रैल 2026 में एक्ट को मंजूरी दी थी। कानून में बेअदबी के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल है।
हालांकि, एक्ट के कुछ प्रावधानों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से आपत्तियां और सुझाव सामने आए हैं। इसी के बाद सरकार और अकाल तख्त के बीच इस कानून को लेकर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई।
CM मान बोले- मूल भावना से नहीं होगा समझौता
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बेअदबी के मामलों में आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान कानून की मूल नींव है। उनका कहना है कि एक्ट की समीक्षा के दौरान इसकी मूल भावना से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
अकाल तख्त ने सहमति तक एक्ट रोकने की मांग की
वहीं, 30 सितंबर को तय दो महीने की समयसीमा पूरी होने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पंजाब सरकार से एक्ट को आपसी सहमति बनने तक लागू न करने की मांग की गई है।
अकाल तख्त साहिब की ओर से कहा गया है कि कानून के विवादित प्रावधानों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाए और सभी संबंधित पक्षों के बीच आम सहमति बनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाए।
6 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें
अब 6 अक्टूबर को होने वाली बैठक को सरकार और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच आगे की बातचीत के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में अकाल तख्त की ओर से दिए गए सुझावों, एक्ट के प्रावधानों और संभावित संशोधनों पर चर्चा होगी। इसके बाद यह तय होगा कि दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत और संशोधन की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।