जालंधर , (PNL) : फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में प्रदर्शन की आड़ में जालंधर और लोकल लड़कों के 2 गुटों ने आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की। स्टूडेंट्स का दावा है कि एक ग्रुप करतारपुर तो दूसरा लॉ गेट के साथ वाले घरों से था। एक छात्रा ने कहा कि परिसर के बाहर करीब 200 उपद्रवी ट्रॉली में भर-भरकर अंदर दाखिल हुए, जिससे छात्राएं डर गई थीं।LPU के यूनिमॉल में दुकान चलाने वाले युवक ने कहा कि वह यहां पर लैपटॉप और मोबाइल की दुकान चलाता है। शनिवार को उसकी दुकान को लूट लिया गया। यहां से LPU के साथ लगते लॉ गेट के लड़के 300 लैपटॉप और आईफोन-17 सीरीज के करीब 118 मोबाइल ले गए। लूट के बाद एक मोटे अनुमान के अनुसार, उसकी दुकान से कुल मिलाकर 14 करोड़ रुपए का सामान उठाया गया है। कोई भी लैपटॉप ऐसा नहीं था, जिसकी कीमत 50 हजार रुपए से कम थी। युवक ने कहा कि अभी उसे खतरा है, इसलिए लड़कों के नाम और पहचान यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को बता दिए गए हैं। मॉल उनके अंडर है, इसलिए वे ही पुलिस कार्रवाई करवाएंगे।वहीं, शनिवार देर रात से शुरू हुआ बवाल सोमवार को पूरी तरह शांत रहा। पुलिस फोर्स अब भी LPU के गेट पर तैनात है। 3 दिन में पुलिस और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट उस मैसेज तक नहीं पहुंच पाए हैं, जिससे विवाद शुरू हुआ। न ही उस लड़की के बारे में कुछ बताया गया है, जिसे लेकर स्टूडेंट्स जस्टिस की मांग कर रहे थे।फिलहाल 10 दिन की छुट्टी के चलते घर जा रहे कुछ स्टूडेंट्स ने बताया कि पूरे विवाद के पीछे 2 बड़े फैक्टर रहे। पहला बहुत से स्टूडेंट्स के मन में मैनेजमेंट के खिलाफ गुस्सा था, जिसे उन्हें बाहर निकालने का मौका मिल गया। दूसरा मामला सुलगने का पता होने पर न तो पुलिस और न ही मैनेजमेंट ने इसे सीरियस लिया, जिसका फायदा बाहरी युवकों ने उठाया
छात्रा ने बताई रविवार रात की कैंपस के अंदर की कहानी..
100 से 200 युवक ट्रॉली में भरकर कैंपस में घुसे: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की फोर्थ ईयर की छात्रा जानवी के अनुसार, रविवार रात LPU परिसर का माहौल अचानक खराब हो गया। बाहर से आए लगभग 100 से 200 उपद्रवी ट्रॉली में भर-भरकर अंदर दाखिल हो गए। ये सभी रोबोटो पार्क से होते हुए गर्ल्स हॉस्टल संख्या 5 और 6 की तरफ बढ़ने लगे। जानवी ने बताया कि वह हॉस्टल नंबर-12 की छात्रा है और उस समय खबर फैली कि उपद्रवी हाथों में लोहे की रॉड लेकर गर्ल्स हॉस्टल्स की तरफ घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
सिक्योरिटी गार्ड गायब थे, लड़कों ने संभाला मोर्चा: छात्रा ने आरोप लगाया कि इतनी खतरनाक स्थिति के दौरान मौके पर न तो कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात था और न ही कोई पुलिस बल मौजूद था। ऐसे में LPU के ही सीनियर (फोर्थ ईयर) लड़कों ने हिम्मत दिखाते हुए उपद्रवियों को गर्ल्स हॉस्टल में घुसने से रोका और उन्हें मारकर बाहर खदेड़ा। इस पूरी घटना के दौरान हॉस्टल प्रबंधन की ओर से छात्राओं को कमरे में बंद रहने, दरवाजे बंद रखने और कॉरिडोर में न घूमने की सख्त चेतावनी दी गई थी, जिससे सभी छात्राएं डरी हुई थीं।
देर रात पुलिस आई तब जाकर सो पाईं: जानवी ने बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे पुलिस LPU में पहुंची, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई और स्टूडेंट्स हॉस्टल में सो पाईं। हालांकि पुलिस ने हॉस्टल 3 और 4 में चेकिंग की, क्योंकि वहां उपद्रवियों के घुसने की सूचना मिली थी। छात्रा के मुताबिक, परिसर में घूम रहे उपद्रवियों और हॉस्टल 4 के सामने एकत्रित भीड़ के वीडियो भी स्टूडेंट्स ने बनाए हैं।
LPU के यूनिमॉल में बवाल के दौरान की गई तोड़फोड़।
पूरे बवाल में अनसुलझे 2 सवाल
वह मैसेज किसने भेजा, जिससे युवक भड़के: LPU के बाहर 2 दिन चलते बवाल के बीच उस सवाल का पुलिस और मैनेजमेंट अभी तक जवाब नहीं दे पाई कि वह मैसेज आखिर किसने भेजा, जिससे इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भड़क गए। उस मैसेज का सोर्सेज क्या था, कहां से आया था?
वह लड़की कहां है, जिसका रेप हुआ: उपद्रव में शामिल स्टूडेंट्स से जब उस मैसेज में जिक्र की गई लड़की के बारे में जानने की कोशिश की गई, तो सबका एक ही जवाब था कि लड़की गायब है। कहां गई, उन्हें नहीं पता। कुछ का कहना था लड़की के साथ हॉस्टल में गलत हुआ था, इसके बाद वह पेरेंट्स के साथ घर चली गई। फिर कुछ दिन बाद हॉस्टल आई और कूदकर जान दे दी। वह कहां की रहने वाली थी, किसने उसके साथ क्या किया, इसके बारे में पुलिस भी कुछ नहीं बता पा रही है।