गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की पत्नी लड़ेगी चुनाव:अमेरिका में डेंटिस्ट की पढ़ाई छोड़ पंजाब लौटीं, बोलीं- कोई मां के पेट से गैंगस्टर पैदा नहीं होता
Punjab News Live -PNL
October 19, 2026
गुरदासपुर, ताजा खबर, पंजाब
गुरदासपुर , (PNL) : गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ ‘जग्गू भगवानपुरिया’ की पत्नी अमनदीप कौर पंजाब के सीमावर्ती हलके डेरा बाबा नानक से चुनाव लड़ेंगी। अमेरिका से 3 दिन पहले लौटीं अमनदीप ने 18 अक्टूबर को हलके के गांव सर्फकोट में विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं बताया।जग्गू भगवानपुरिया इस समय असम की सिलचर सेंट्रल जेल में बंद है। अमेरिका में डेंटल की पढ़ाई और वहां की जिंदगी छोड़कर लौटीं अमनदीप ने कहा कि वह डेरा बाबा नानक की ‘बेटी भी हैं और बहू भी’। इसलिए अपने हलके और घर की सेवा करना उनका नैतिक फर्ज है।उन्होंने कहा कि अब वह स्थायी रूप से यहीं रहकर जनता के बीच काम करेंगी। पति पर लगे गैंगस्टर के ठप्पे को लेकर उन्होंने भावुक होते हुए कहा- वे जग्गू नहीं, जगदीप सिंह अठवाल हैं। कोई भी मां के पेट से गैंगस्टर पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनके पति को एक आम इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए और गैंगस्टर का टैग खत्म होना चाहिए।
अमनदीप कौर ने ये बड़ी बातें कही….
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मेरे पति जग्गू नहीं, जगदीप सिंह अठवाल हैं: गैंगस्टर के ठप्पे और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों पर सवाल पूछे जाने पर अमनदीप कौर भावुक हुईं। उन्होंने कहा कि जब कोई जग्गू भगवानपुरिया कहता है, तो मेरे दिल से पूछकर देखो। वे जग्गू नहीं, जगदीप सिंह अठवाल हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी मां के पेट से गैंगस्टर पैदा नहीं होता। अब गैंगस्टर का टैग खत्म होना चाहिए और उनके पति को एक आम इंसान, जगदीप सिंह के रूप में देखा जाना चाहिए।
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कोई बचपन से दिग्गज नहीं होता: कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह रंधावा, AAP के गुरदीप सिंह रंधावा और भाजपा के बड़े नेताओं से मुकाबले के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये नेता उनके पिता समान और वरिष्ठ हैं। अमनदीप कौर ने कहा कि कोई भी बचपन से दिग्गज नहीं होता। डेरा बाबा नानक की संगत का उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है और इसी प्यार से उनमें सियासी आत्मविश्वास आया है।
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डेरा बाबा नानक में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी: उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाका होने के कारण डेरा बाबा नानक बेहद पिछड़ा हुआ है। यहां न बेहतर शिक्षा की व्यवस्था है और न ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी के बीमार होने पर उसे सीधे अमृतसर रेफर करना पड़ता है। आखिर डेरा बाबा नानक हलके में विश्वस्तरीय अस्पताल, स्कूल और कॉलेज क्यों नहीं हो सकते?
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नशे की असली जड़ बेरोजगारी: अमनदीप कौर ने कहा कि केवल “नशा-नशा” चिल्लाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नशे की असली जड़ बेरोजगारी है। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को रोजगार मिल जाए, तो उनका ध्यान नशे की तरफ जाएगा ही नहीं।
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गरीब बेटियों की शादी और पढ़ाई के लिए कर रहे काम: उन्होंने बताया कि उनकी टीम पिछले 6 महीनों से चेयरमैन राजविंदर कौर की अगुवाई में गरीब बेटियों की शादी, शगुन स्कीम और बच्चों की पढ़ाई के लिए काम कर रही है। उनके मुताबिक, यह काम बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के किया जा रहा है और चुनाव के बाद भी जारी रहेगा।
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चुनाव लड़ना तय, पार्टी या निर्दलीय होने पर फैसला बाकी: अमनदीप कौर ने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ना 100% तय है। हालांकि, किसी राजनीतिक दल के सिंबल पर चुनाव लड़ना है या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के तरीके पर अंतिम निर्णय उनकी टीम और चेयरमैन राजविंदर कौर सही समय पर लेंगे।
जग्गू भगवानपुरिया पर 128 से अधिक केस
गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया पर पंजाब और अन्य राज्यों में 128 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, फिरौती, जबरन वसूली, नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामले शामिल हैं। वह पंजाबी सिंहग सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी आरोपी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 12 मामले दर्ज हैं। जग्गू साल 2015 से जेल में बंद है और वर्तमान में असम की सिलचर सेंट्रल जेल में है।