गुरदासपुर गोलीकांड के बाद Amritsar में हाई अलर्ट: अजनाला में कड़ी नाकाबंदी और सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई
Punjab News Live -PNL
February 23, 2026
अमृतसर, तरनतारन, ताजा खबर, पंजाब
गुरदासपुर , (PNL) : गुरदासपुर जिले के आदिया गांव में पुलिस कर्मचारियों की गोली लगने से मौत के बाद, सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमृतसर रूरल के अजनाला क्षेत्र में पुलिस ने देर रात से ही विशेष नाकाबंदी की है।पुलिस ने हर आने-जाने वाली गाड़ी की सघन जांच शुरू कर दी है। डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि सुरक्षा कारणों से सीमा पर अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।
डीएसपी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जाएगा और संदिग्धों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के बाद प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वह किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अजनाला क्षेत्र में तैनात पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है और सभी मुख्य मार्गों पर नाके लगाए गए हैं। डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम जरूरी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
गुरदासपुर में पाकिस्तान सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भारतीय क्षेत्र में आदियां गांव में बनी पंजाब पुलिस की चौकी में ड्यूटी पर तैनात ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की हत्या कर दी गई। ASI के सिर और होमगार्ड के सीने में गोली मारी गई। रविवार देर शाम एक CCTV फुटेज भी सामने आया, जिसमें संदिग्ध बाइक पर भागते दिख रहे हैं।
इसके बाद राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमृतसर सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला में पुलिस ने विशेष नाकाबंदी की है। हर आने-जाने वाली गाड़ियों की सख्ती से विशेष जांच की जा रही है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुईं इन हत्याओं की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है-
आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा।
हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस पोस्टर की पुष्टि नहीं की। गुरदासपुर के SSP आदित्य ने कहा कि इस आतंकी संगठन के वायरल पोस्टर की जांच की जा रही है। उन्होंने ऐसे किसी आतंकी संगठन के सक्रिय होने के भी पुष्टि नहीं की।