जालंधर, (PNL) : हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच शुद्धिकरण के विरोध में पंजाब कांग्रेस ने आज जालंधर में भाजपा के खिलाफ धरना दिया। कांग्रेस नेतृत्व ने देशभगत यादगार हॉल में भाजपा पर जातिवाद की राजनीति करने के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक पार्टी अध्यक्ष का अपमान नहीं है, बल्कि देश के संविधान की आत्मा, समानता के अधिकार और पूरी सामाजिक मानसिकता पर सीधा हमला है।
कैंट विधायक परगट सिंह सहित जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पूरी घटना को संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का उल्लंघन बताया। इनके तहत देश के हर नागरिक को समानता का अधिकार दिया गया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि आजादी के 75 साल बाद भी भाजपा महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक बदहाली और विदेश नीति जैसे असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए देश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति कर रही है।
पंजाब के गुरुओं और पीरों द्वारा दिए गए ‘संगत और पंगत’ के संदेश का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब की धरती कभी भी ऐसी भेदभावपूर्ण और मनुस्मृति वाली मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी।
देखिए, कांग्रेस के धरने के PHOTOS…
जालंधर में कांग्रेस की ओर से लगाए गए पोस्टर।
धरने में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता।
धरने में मौजूद कांग्रेस नेता।
जालंधर कैंट विधायक परगट सिंह।
मनोरंजन कालिया के यज्ञ वाले बयान का किया खंडन
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के उस दावे का खंडन किया, जिसमें उन्होंने इसे एक धार्मिक संस्था की ओर से आयोजित सामान्य हवन-यज्ञ बताया था। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद खुद मौजूद थे, जिसके पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
इस दौरान आम आदमी पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को भाजपा की बी-टीम करार दिया। साथ ही, राहुल गांधी द्वारा दलितों, पिछड़ों और शोषितों के हक में आवाज उठाने पर उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी सख्त निंदा की गई।
बिजली संकट पर आप सरकार को घेरा
पंजाब में गहराते बिजली और कोयला संकट को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंजाब के थर्मल प्लांटों में महज कुछ दिनों का कोयला बचा है और राज्य में बिजली उत्पादन देश में सबसे महंगा साबित हो रहा है।
आम आदमी पार्टी सरकार पर दिल्ली से संचालित होने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सस्ती बिजली के ऑफर ठुकराकर पंजाब की जनता पर बोझ डाला जा रहा है। नेताओं ने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इस कथित कुशासन और बांटने वाली राजनीति का मुंहतोड़ जवाब देगी।
आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली
क्या बोले आदमपुर से कांग्रेस विधायक…
BJP असल मुद्दों से ध्यान भटका रही- आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा मंच का शुद्धिकरण और हवन कराए जाने पर कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी भाजपा असल मुद्दों से ध्यान भटकाकर देश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रही है। इसी के विरोध में जालंधर के देश भगत यादगार हॉल में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी विधायकों की अगुवाई में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके बाद संविधान चौक (बीएमसी) तक रोष रैली निकाली जाएगी।
आप BJP की बी टीम के तौर पर कर रही काम- कोटली ने कहा कि जब राहुल गांधी ने उत्तराखंड में खड़गे के अपमान के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को जागरूक किया, तो राज्य की डबल इंजन सरकार ने उनके खिलाफ ही पर्चा दर्ज करवा दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भाजपा की बी-टीम की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस गंभीर सामाजिक मुद्दे पर न तो मुख्यमंत्री भगवंत मान और न ही अरविंद केजरीवाल ने कोई स्टैंड लिया है।
चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह का बॉयकॉट अहंकार का प्रतीक- पंजाब के नए चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान के न पहुंचने पर विधायक कोटली ने कहा कि न्यायपालिका सर्वोच्च है। मुख्यमंत्री का इस तरह संवैधानिक समारोह का बहिष्कार करना उनके अहंकार को दर्शाता है। अगर सरकार को किसी बात पर आपत्ति थी तो उसे कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए था, न कि संवैधानिक पद का अनादर करना चाहिए था। उन्होंने माननीय हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के बहिष्कार का संज्ञान लेने की अपील की।
गांव शेरों में नौजवान को पीटने वाली पुलिस कर्मी हों सस्पेंड- कोटली ने कहा कि शेरों गांव में मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले व्यक्ति की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्री अमन अरोड़ा के बयानों और एसएसपी के खुलासे में विरोधाभास का जिक्र करते हुए कहा कि केवल डीएसपी का तबादला या लाइन हाजिर करना कोई सजा नहीं है। इसके साथ ही, दिल्ली में इमारत गिरने की घटना के बाद दो घंटे तक एंबुलेंस और बचाव दल के नहीं पहुंचने पर उन्होंने दीपेंद्र हुड्डा के ट्वीट का समर्थन किया। कोटली ने भाजपा सरकार के प्रशासनिक तंत्र और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।