याचिका में एक बड़ा खुलासा यह भी किया गया है कि अंकुर नरूला की कार्यप्रणाली नाइजीरिया के विवादित प्रचारक टीबी जोशुआ से प्रेरित है। आरोप है कि विदेशी मिशनरियों को ‘टूरिस्ट वीज़ा’ पर भारत बुलाकर उनसे धार्मिक गतिविधियां करवाई जा रही हैं, जो विदेशी अधिनियम, 1946 के विरुद्ध है।संस्था की आर्थिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार संस्था को बिना वैध FCRA रजिस्ट्रेशन के विदेशी चंदा मिल रहा है। चर्च परिसर में घड़ियों और ‘अभिषेक तेल’ की बिक्री बिना किसी GST बिल के की जा रही है।प्रशासनिक स्तर पर 12 जनवरी को शिकायत करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। याचिका में खांबड़ा गांव में बने विशाल चर्च भवन के निर्माण की वैधता को भी चुनौती दी गई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान सरकारों को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।