जालंधर , (PNL) : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार सलामी बल्लेबाज ईशान किशन आज (मंगलवार को) जालंधर पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। हाल ही में संपन्न हुए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में ईशान ने जबरदस्त फर्मामेंस किया। दो साल तक टीम से बाहर रहने और बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट गंवाने के बाद, ईशान ने न केवल टीम में वापसी की, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में 317 रन बनाकर भारत को तीसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अब खुलासा किया है कि कैसे एक फोन कॉल ने ईशान के करियर को नई दिशा दी।भारतीय क्रिकेटर से मिलने के लिए क्रिकेट प्रेमियों और स्थानीय नेताओं में भारी उत्साह देखा गया। कांग्रेसी नेता अश्विनी भल्ला ने ईशान किशन का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें विश्व कप की शानदार जीत के लिए बधाई दी।
इस दौरान लविश ओबेरॉय और निखिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अश्विनी भल्ला ने ईशान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत आज देश के युवाओं के लिए मिसाल बन गई है।टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ईशान किशन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। सूर्या ने बताया कि वर्ल्ड कप टीम चयन से ठीक पहले उन्होंने ईशान को फोन किया था। सूर्या ने उनसे पूछा कि, क्या तुम मेरे लिए विश्व कप जीतोगे? इस पर ईशान का जवाब आत्मविश्वास से भरा था। उन्होंने कहा था कि, मुझ पर थोड़ा भरोसा दिखाओ और मैं यह करके दिखाऊंगा।
ईशान किशन के साथ लोग फोटो खिचवाते हुए।
ईशान किशन के लिए पिछले दो साल बेहद चुनौतीपूर्ण रहे थे। बीसीसीआई ने उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया था और वे लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं थे। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट (डोमेस्टिक सर्किट) में पसीना बहाया। उन्होंने अपनी कप्तानी में झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई, जहां फाइनल में मात्र 45 गेंदों पर शतक जड़कर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। ईशान की टीम इंडिया में वापसी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में हुई। इस सीरीज में उन्होंने तहलका मचाते हुए कुल 215 रन बनाए। सीरीज के पांचवें मैच में कीवी टीम के खिलाफ सिर्फ 42 गेंदों पर शतक लगाकर उन्होंने वर्ल्ड कप की प्लेइंग-11 में अपनी जगह पक्की कर ली।टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में ईशान ने अपने बल्ले से आलोचकों को करारा जवाब दिया। पूरे टूर्नामेंट में 317 रन बनाकर वे भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे। फाइनल मैच में उनकी आतिशी बल्लेबाजी ने भारत की जीत की नींव रखी और टीम इंडिया को तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाया।