लुधियाना , (PNL) : लुधियाना के संगोवाल में घरेलू विवाद सुलझाने के लिए हुई बातचीत के दौरान खूनी वारदात हो गई। समझौते की शर्तें लिखवाकर घर लौटी पत्नी पर भड़के पति ने चाकू से उस पर, अपने दो बेटों और ससुर पर हमला कर दिया। चारों गंभीर रूप से घायल हैं। बड़े बेटे को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उसके एक फेफड़े में खून जमा हो गया है।घायलों की पहचान शिवाली, उनके दोनों बेटों शिवोहम उर्फ ओशो, मलिक साहिब तथा पिता सुदर्शन के रूप में हुई है। परिजनों और पड़ोसियों ने आरोपी पति संदीप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बड़े बेटे ओशो की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा है।
अब विस्तार से पढ़िए क्या है पूरा मामला…
समझौते के कागजों की बात पर भड़का पति: अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में रहने वाली योगिता ने बताया कि शिवाली का अपने पति संदीप के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। उनके अनुसार, संदीप कथित तौर पर शिवाली के साथ मारपीट करता था और बच्चों को भी परेशान करता था। कई बार बच्चों को स्कूल तक नहीं जाने दिया जाता था और फ्लैट पर ताला लगा देता था।
दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत हुई: योगिता के मुताबिक मंगलवार को शिवाली के पिता सुदर्शन बेटी का घर बसाने के इरादे से आए हुए थे। दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद पिता ने शिवाली से कहा कि समझौते की शर्तें कागजों पर लिखवा ली जाएं। आरोप है कि जब शिवाली घर पर शर्तें लिखवाकर पहुंची तो संदीप के हाथ में चाकू था। उसने परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया।
पुलिस मौके पर काफी देर से पहुंची: योगिता ने बताया कि घटना के दौरान शिवाली ने उन्हें फोन कर मदद मांगी। उसने कहा कि संदीप उसके पिता, उसे और बच्चों को चाकू से मार रहा है। शिवाली ने पुलिस को भी सूचना दी थी। योगिता का आरोप है कि पुलिस मौके पर काफी देर से पहुंची।
बड़े बेटे के सिर, पेट और पीठ पर चाकू के घाव: योगिता के अनुसार बड़े बेटे ओशो के सिर, पेट और पीठ पर चाकू से चोटें आई हैं। हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। उसके एक फेफड़े में खून जमा होने के बाद डॉक्टरों ने ट्यूब डालने की तैयारी की है।
शिवाली की गर्दन पर भी चोट आई है: दूसरे बेटे मलिक साहिब सिंह की पीठ पर भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन पर टांके लगाने पड़े। वहीं, परिजनों के अनुसार, सुदर्शन सिंह की छाती पर करीब 7 से 8 इंच तक गहरा घाव है। शिवाली की गर्दन पर भी चोट आई है।
पड़ोसी बोला- पत्नी और बच्चों को पहले भी करता था परेशान: पड़ोसी चमनदीप सिंह ने बताया कि शिवाली कुछ समय से इलाके में रह रही थी। उनकी पत्नी और शिवाली की अच्छी दोस्ती थी। दोनों पार्क में सैर करती थीं और उनके बच्चे भी शिवाली को मौसी कहकर बुलाते थे।
बच्चों को स्कूल नहीं जाने देता था: चमनदीप के अनुसार, शिवाली का पति के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पड़ोसी राशन आदि की व्यवस्था करने में उसकी मदद करते थे। उनके मुताबिक संदीप शिवाली के साथ मारपीट करता था, बच्चों को स्कूल नहीं जाने देता था। शिवाली ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी की थी।
परिवार को भी जान से मारने की धमकियां दे रहा: चमनदीप ने बताया कि वह ऑफिस से घर लौटा तो इलाके में अफरा-तफरी मची हुई थी। वह मौके पर पहुंचा। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। उसने आरोप लगाया कि संदीप उसे और उसके परिवार को भी जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग: चमनदीप ने यह भी दावा किया कि लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके बावजूद आरोपी कथित तौर पर हिरासत से बाहर कैसे आया, यह जांच का विषय है। उसने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
मामले की जानकारी देते हुए योगिता।
बेटे मलिक साहिब की पीठ पर चाकू से आरोपी ने अटैक किया।
पड़ोसी चमनदीप जानकारी देते हुए।
हमलावर को पुलिस अपने साथ ले जाते हुए।
15 साल पहले हुई थी शिवाली की शादी शिवाली के भाई दीक्षित लड्डा ने बताया कि उन्हें योगिता मोहिल का फोन आया था। उन्होंने बताया कि शिवाली, उसके पिता और दोनों बच्चों पर चाकू से हमला किया गया है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे, जहां चारों की हालत गंभीर मिली।दीक्षित के अनुसार शिवाली की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी। उनके ताया सुदर्शन सिंह की छाती पर 7 से 8 इंच तक गहरा घाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी ने इलाके के लोगों को भी धमकियां दीं। परिवार ने पुलिस से आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने और सभी घायलों व परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।पुलिस बोली- मामले की जांच जारी पुलिस चौकी मराडो के एएसआई तरसेम सिंह ने बताया कि धारदार हथियार से हमले में चार लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई हरबंस सिंह घायलों के बयान दर्ज करने के लिए एसपीएस अस्पताल पहुंचे। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है।