Chandigarh निगम में 75.16 करोड़ का नया घोटाला: 303 लेनदेन में गड़बड़ी, कई कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज
Punjab News Live -PNL
March 13, 2026
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चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ में नगर निगम की 116.84 करोड़ रुपए की फर्जी एफडी का मामला सामने आने के बाद अब एक और बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हुआ है। इस बार चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के खाते में करीब 75.16 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई है।
आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक सेक्टर-32 ब्रांच के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने बैंक के कुछ कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर यह गड़बड़ी की। क्रेस्ट की शिकायत पर गुरुवार को चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व मैनेजर समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि, बैंक की पूर्व कर्मचारी सीमा धीमान, अभय कुमार और अन्य अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि रिभव ऋषि फिलहाल हरियाणा की एक जेल में बंद है।
चंडीगढ़ पुलिस अब उसे और अन्य आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि घोटाले में शामिल लोगों की भूमिका साफ हो सके। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कुल 303 ट्रांजेक्शन के जरिए क्रेस्ट के खाते से 75 करोड़ 16 लाख 4 हजार 293 रुपए की गड़बड़ी की। इन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कई बार पैसे निकाले गए और कई बार जमा भी करवाए गए, जिससे लंबे समय तक यह अनियमितता पकड़ में नहीं आई।
सोलर सब्सिडी से जुड़ा है पूरा मामला क्रेस्ट सौर ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने वाली संस्था है। इसके तहत सरकारी इमारतों, अस्पतालों और सरकारी आवासों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इसके अलावा आम लोगों द्वारा घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने पर भी क्रेस्ट की ओर से सब्सिडी दी जाती है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 75.16 करोड़ रुपए की गड़बड़ी इसी सब्सिडी से जुड़े फंड में की गई है। पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले में क्रेस्ट का भी कोई कर्मचारी शामिल हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि आरोपियों से पूछताछ के बाद ही हो पाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों से भी हो सकती है पूछताछ इससे पहले नगर निगम की 116.84 करोड़ रुपए की फर्जी एफडी के मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने नगर निगम से कई सवाल पूछे हैं और जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस जल्द ही नगर निगम के अकाउंट्स ब्रांच से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ उस समय डेपुटेशन पर गए अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है, क्योंकि जिस समय एफडी करवाई गई थीं, उस समय अकाउंट्स ब्रांच का चार्ज इन्हीं अधिकारियों के पास था।
स्टेटमेंट क्रॉस चेक करने पर सामने आई गड़बड़ी हरियाणा सरकार से जुड़े 590 करोड़ रुपए के घोटाले के सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी विभागों को अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट लेकर क्रॉस चेक करने के निर्देश दिए थे।
जब नगर निगम ने अपनी एफडी वापस करवाने के लिए बैंक को लिखा तो पता चला कि बैंक में ऐसी कोई एफडी मौजूद ही नहीं है। इसके बाद जब क्रेस्ट ने भी अपने खाते की स्टेटमेंट की जांच की तो उसमें भी करोड़ों रुपए की गड़बड़ी सामने आ गई।