चंडीगढ़ , (PNL) : दिल्ली में एडिशनल सीपी (ईस्टर्न रेंज) के पद पर तैनात आईपीएस राजीव रंजन सिंह का ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया गया है। वह यहां डीआईजी के पद पर ज्वाइन करेंगे। चंडीगढ़ में डीआईजी का पद पिछले कुछ समय से खाली पड़ा है। इससे पहले यह जिम्मेदारी राजकुमार के पास थी, जो 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका कुछ महीने पहले ट्रांसफर हो गया था। उनके ट्रांसफर के बाद से डीआईजी की पोस्ट खाली थी। इस बीच चंडीगढ़ के पूर्व डीजीपी सुरेंद्र यादव का भी तबादला हो गया था। उस समय कुछ अवधि के लिए कार्यभार राजकुमार को सौंपा गया था।
एजीएमयूटी कैडर (2010 बैच) के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन सिंह इस समय दिल्ली पुलिस में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। प्रशासनिक सूझबूझ और ऑपरेशनल अनुभव के कारण उन्हें नेतृत्व टीम का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ऑफिस में OSD रहेः अगस्त 2025 में उन्हें दिल्ली पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया गया। यह पद महज औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक निर्णयों का केंद्र होता है। ओएसडी के तौर पर वे पुलिस आयुक्त को नीति-निर्माण, संवेदनशील मामलों की मॉनिटरिंग और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय में सहयोग देते हैं।
उत्तरी रेंज की कमानःओएसडी की भूमिका के साथ-साथ वे उत्तरी रेंज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त का दायित्व भी संभाल रहे हैं। यह क्षेत्र कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जहां नियमित ऑपरेशनों के साथ विशेष अभियानों की निगरानी भी शामिल रहती है।
स्पेशल सेल का अनुभवःअपने करियर में वे स्पेशल सेल में डीसीपी रह चुके हैं। यह यूनिट आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और संगठित अपराध के मामलों के लिए जानी जाती है। यहां उन्होंने कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल केस को लीड किया।
EOW में डीसीपी रह चुकेःआर्थिक अपराध शाखा (EOW) में डीसीपी रहते हुए उन्होंने बड़े वित्तीय घोटालों और जटिल आर्थिक अपराधों की जांच का नेतृत्व किया। इस दौरान फोरेंसिक ऑडिट, डिजिटल एविडेंस और मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन जैसे पहलुओं पर उनकी पकड़ मजबूत मानी गई।
एयरपोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभालीःराजीव रंजन सिंह ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डीसीपी के रूप में भी सेवाएं दीं। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक की सुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण दायित्व है, जिसे उन्होंने प्रभावी तरीके से निभाया। इसके अलावा रोहिणी और आउटर नॉर्थ जैसे जिलों में डीसीपी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग पर फोकस किया।