न्यूज डेस्क, (PNL) : हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद राज्यसभा की सीट भाजपा की झोली में जाने से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया हैं।
पत्रकार वार्ता में विक्रमादित्य सिंह भावुक होकर रोने लगे। कहा कि वीरभद्र छह बार सीएम रहे, लेकिन रिज पर उनकी प्रतिमा के लिए जगह नहीं मिली। इससे आहत हूं। कहा कि जनता से चर्चा के बाद आगामी फैसला लूंगा और कहा कि राज्यपाल को इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्हें कई बार नीचा दिखाने की कोशिश की गई। हाल ही में घटी शिलान्यास पत्रिकाएं तोड़ने की घटना भी इसी से जुड़ी हुई है।
#WATCH हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, “हमने पार्टी का हमेशा साथ दिया है… मैं आज सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि वर्तमान समय में मेरा इस सरकार में बने रहना ठीक नहीं है। मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं।” pic.twitter.com/ykx9ggjhmu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
विधानसभा सदन में हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार, हंसराज, रणधीर शर्मा, विनोद कुमार समेत 15 विधायक सदन से निष्कासित किए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने निष्कासित किए सदस्यों को बाहर जाने के आदेश दिए। विधानसभा अध्यक्ष के मार्शल से धक्कामुक्की के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
सदन में अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। स्पीकर के मार्शल से धक्कामुक्की करने का मामला। अध्यक्ष ने कहा कि अगर निष्कासित सदस्य बाहर नहीं जाएंगे तो इन्हें मार्शल इन्हें बलपूर्वक निकालेंगे। इसके बाद सदस्य बेल में चले गए सदस्य।

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