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अब प्राइवेट स्कूल वाले भी हुए सरकार के खिलाफ, 12 अप्रैल को स्कूल खोलने का किया ऐलान, पढ़ें

बरनाला, (PNL) : प्राइवेट अनएडिड स्कूल एसोसिएशन (पूसा) बरनाला व फेडरेशन एफएपी ने संयुक्त तौर पर फैसला कर 12 अप्रैल को जिले के सभी निजी अनएडिड स्कूलों को खोलने का एलान किया है। उनके इस ऐलान के बाद अलग-अलग शहरों की संस्थाओं ने इस फैसले का समर्थन किया है। जिला प्राइवेट अनएडिड स्कूल एसोसिएशन बरनाला के प्रधान वरुण भारती ने कहा कि पंजाब सरकार ने 10 अप्रैल तक स्कूलों को बंद करने का जो निर्देश जारी किया हैं, इसका नुकसान केवल निजी स्कूल संचालकों को उठाना पड़ रहा है।

इस दौरान सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। जब बाजार, माल, सिनेमा घर, विवाह समागम में एकत्रित हो सकते हैं तो निजी स्कूलों को खोलने में क्या दिक्कत है। विगत वर्ष लाकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने दाखिले के समय सरकारी अध्यापकों को घर-घर जाकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक दाखिले के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूल नहीं खुलने के कारण बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। इससे बच्चों में मनोवैज्ञानिक रोग बढ़ रहा है। यदि सरकार ने 10 अप्रैल तक निजी स्कूल खोलने का एलान नहीं किया तो वह 12 अप्रैल को सभी प्राइवेट अनएडिड स्कूल खोलेंगे। यह फैसला केवल बच्चों को नहीं बल्कि प्राइवेट स्कूलों से जुड़े हर अध्यापक, ड्राइवर, कंडक्टर व दर्जा चार कर्मचारियों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए लिया गया है।

जालंधर में स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ फूंटा पेरेंट्स का गुस्सा

वहीं जालंधर में आज पेरेंट्स ने प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ प्रैस वार्ता की। पेरेंट्स ने कहा कि स्कूल प्रबंधक उन्हें वार्षिक फीस देने के लिए कई तरह के दबाव बना रहे हैं। एक पेरेंट्स चेतन वर्मा ने कहा कि उन्होंने स्कूल के आगे फीस न देने की मजबूरी रखी तो वह पर्सनल कमेंट्स पर आ गए। स्कूल के प्रतिनिधि ने कहा कि आपके कान में सोने की बाली है, कपड़े अच्छे पहने है, दुबई घूमने जाते हैं। फिर फीस देने में क्या दिक्कत है। उन्होंने तभी कहा कि अगर बाली लेकर आपकी फीस पूरी होती है तो वह अभी उतारने को तैयार हैं। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बाद भी स्कूल प्रबंधक फीसों के लिए दबाव बना रहा है।

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